युगपुरुष महागुरुओं को समर्पित श्रद्धा-सुमन
आदरणीय श्री श्री 108 वंशराज सिंह भरतवंशी (मास्टर जी) एवं आदरणीय श्री श्री 108 लाल जी राय एडवोकेट भरतवंशी जी
राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ एवं न्यू मार्तण्ड साप्ताहिक पत्रिका अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ समाज के दो महान विभूतियों, दो युगदृष्टाओं, दो महागुरुओं—आदरणीय श्री श्री 108 वंशराज सिंह भरतवंशी (मास्टर जी) एवं आदरणीय श्री श्री 108 लाल जी राय एडवोकेट भरतवंशी जी—को सादर नमन करती है।
इन दोनों महापुरुषों का जीवन केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का इतिहास नहीं, बल्कि संपूर्ण भरतवंशी, राजभर एवं भारशिव क्षत्रिय समाज के जागरण, संगठन और आत्मगौरव का अमर अध्याय है।
समाज को नई दिशा देने वाले महागुरु
एक समय ऐसा भी था जब समाज अपने इतिहास, अपनी गौरवशाली परंपराओं और अपनी वास्तविक पहचान से दूर होता जा रहा था। अनेक सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण समाज भ्रम और बिखराव की स्थिति में पहुँच गया था। ऐसे कठिन समय में इन दोनों महागुरुओं ने समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का बीड़ा उठाया।
इनकी लेखनी, चिंतन, दूरदृष्टि और त्याग ने समाज के भीतर आत्मसम्मान की वह ज्योति प्रज्ज्वलित की, जो आज एक विराट जागरण अभियान का रूप ले चुकी है।
वर्ष 2014 के बाद का ऐतिहासिक जागरण
वर्ष 2014 के पश्चात जब इन दोनों पूज्य महागुरुओं का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद समाज के जागरण अभियान से जुड़ा, तब एक नई सामाजिक क्रांति का सूत्रपात हुआ। राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाज के जागरूक लोगों ने मिलकर जो जनजागरण अभियान चलाया, उसने समाज में नई चेतना, नया आत्मविश्वास और नई पहचान का संचार किया।
आज समाज में जो ऐतिहासिक जागरण दिखाई देता है, उसके पीछे इन दोनों महापुरुषों का अमूल्य मार्गदर्शन, आशीर्वाद और प्रेरणा एक मजबूत आधार स्तंभ के रूप में विद्यमान है।
आदरणीय श्री श्री 108 वंशराज सिंह भरतवंशी (मास्टर जी)
मास्टर जी समाज के एक महान चिंतक, इतिहास मर्मज्ञ, संगठनकर्ता और प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने लेखों और विचारों के माध्यम से समाज को उसके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया। उनकी विद्वता, सरलता और समाज के प्रति समर्पण भाव उन्हें एक युगपुरुष के रूप में स्थापित करता है।
आदरणीय श्री श्री 108 लाल जी राय एडवोकेट भरतवंशी जी
आदरणीय लाल जी राय एडवोकेट भरतवंशी जी समाज के एक प्रखर विचारक, विद्वान विधिवेत्ता, समाज सुधारक और महान मार्गदर्शक हैं। उन्होंने समाज को केवल कानूनी और सामाजिक दृष्टि ही नहीं दी, बल्कि संगठन, आत्मसम्मान और ऐतिहासिक चेतना का नया मार्ग भी दिखाया।
उनका जीवन समाज सेवा, त्याग, सादगी और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। वे वास्तव में समाज के महागुरु हैं, जिनके ज्ञान और अनुभव ने अनेक पीढ़ियों को दिशा प्रदान की है।
शब्दों से परे है इनका व्यक्तित्व
इन दोनों महागुरुओं का योगदान इतना व्यापक, इतना गहरा और इतना प्रेरणादायी है कि उसका पूर्ण वर्णन शब्दों में करना संभव नहीं है। इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो स्वयं एक संस्था बन जाते हैं; जिनका जीवन एक विचारधारा बन जाता है; और जिनकी तपस्या आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का दीपक बन जाती है।
आदरणीय श्री श्री 108 वंशराज सिंह भरतवंशी (मास्टर जी) और आदरणीय श्री श्री 108 लाल जी राय एडवोकेट भरतवंशी जी ऐसे ही दो महान व्यक्तित्व हैं, जिनका नाम भरतवंशी, राजभर एवं भारशिव क्षत्रिय समाज के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में सदैव अंकित रहेगा।
राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ का प्रण
हम संकल्प लेते हैं कि इन दोनों महागुरुओं के विचारों, उनके जागरण अभियान, उनके ऐतिहासिक संदेश और समाज को संगठित करने के उनके संकल्प को जन-जन तक पहुँचाएँगे और उनके द्वारा प्रज्वलित इस चेतना-ज्योति को सदैव प्रज्वलित रखेंगे।
हे युगपुरुषों!
हे समाज के महागुरुओं!
आपका जीवन, आपका संघर्ष, आपका ज्ञान और आपका आशीर्वाद हमारे लिए प्रेरणा, पथ-प्रदर्शन और शक्ति का अक्षय स्रोत है।
आप दोनों का नाम इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियाँ आपको समाज जागरण के महान पुरोधाओं के रूप में स्मरण करेंगी।
कोटिशः नमन, शत-शत वंदन एवं सादर प्रणाम।
कैलाश नाथ राय भरतवंशी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ
न्यू मार्तण्ड साप्ताहिक पत्रिका
"ज्ञान का प्रकाश – समाज का विकास"

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