📰 न्यू मार्तण्ड साप्ताहिक पत्रिका
विशेष लेख – सीधे संपादक की कलम से
राजनीति का शटर डाउन: बैसाखी से स्वाभिमान तक भारशिव क्षत्रियों की यात्रा
✍️ कैलाश नाथ राय भरतवंशी (अभ्यासी भाई)
राष्ट्रीय अध्यक्ष – राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ
🌹 अतीत का वो परिदृश्य और २०१४ का संकल्प
बात साल २०१४ की है। उस समय हमारे गौरवशाली समाज को केवल एक 'वोट बैंक' के चश्मे से देखा जा रहा था। समाज को आगे बढ़ाने के नाम पर अनजाने में ही सही, एक ऐसी दिशा में धकेला जा रहा था जिससे समाज में आत्मनिर्भरता के बजाय एक लाचारी का भाव आ रहा था। राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए हमारे स्वर्णिम इतिहास को ओझल कर हमें केवल याचक (मांगने वाला) बनाने का प्रयास चल रहा था।
उसी दौर में अंतस से एक विचार जागा—"हमारा इतिहास गौरवशाली है। हम सर्वश्रेष्ठ भारशिव क्षत्रिय हैं, राजाओं के वंशज हैं और हमें अपने पैरों पर खड़ा होना होगा।"
जब राष्ट्रीय भारशिव क्षत्रिय महासंघ के माध्यम से समाज को उसका असली इतिहास याद दिलाने का प्रयास शुरू हुआ, तो वर्षों की स्थापित व्यवस्था को यह विचार सहज स्वीकार नहीं हुआ। शुरुआत में इस सोच का बहुत विरोध हुआ, आलोचनाएं भी हुईं। लेकिन सत्य के मार्ग पर अडिग रहना ही हमारी माटी का स्वभाव है। उस समय यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि—"अब समाज के नाम पर होने वाली स्वार्थ की राजनीति का शटर डाउन होना चाहिए।"
आज खुशी इस बात की है कि वह विचार समाज की आवाज बन गया है। आज बड़े-बड़े मंचों से इस बात को स्वीकार किया जाता है कि वास्तव में समाज में वैचारिक जागृति आ चुकी है। अब कोई व्यक्ति विशेष समाज का भाग्य विधाता नहीं रहा, बल्कि आज समाज का 'संगठन', उसकी 'एकता' और उसका 'स्वाभिमान' सर्वोपरि है।
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